त्रिमूर्तिधाम: श्री हनुमान जी की आरती (Hanuman Ji Ki Aarti Trimurtidham)
जय हनुमत बाबा, जय जय हनुमत बाबा । रामदूत बलवन्ता, रामदूत बलवन्ता, सब जन मन भावा । जय जय हनुमत बाबा ।अंजनी गर्भ सम्भूता, पवन वेगधारी, बाबा पवन वेगधारी । लंकिनी गर्व निहन्ता, लंकिनी गर्व निहन्ता, अनुपम बलधारी । जय जय हनुमत बाबा । बालापन में बाबा अचरज बहु कीन्हों,