बुजुर्गों की सोच दूर दृष्टि और अनुभव वाली होती है – प्रेरक कहानी (Bujurgon Ki Soch Doordrashti Aur Anubhavi Hoti Hai)
एक बहुत बड़ा विशाल पेड़ था। उस पर बहुत से हंस रहते थे। उनमें एक बहुत सयाना हंस था। वह बुद्धिमान और बहुत दूरदर्शी था। सब उसका आदर करते ताऊ कहकर बुलाते थे। एक दिन उसने एक नन्ही-सी बेल को पेड़ के तने पर बहुत नीचे लिपटते पाया। ताऊ ने