गोस्वामी तुलसीदास की सूरदास जी से भेंट – सत्य कथा (Goswami Tulsidas Ki Surdas Ji Se Bhent)
श्री सूरदास जी से भगवान् का विनोद करना: संवत् १६१६ मे जब श्री तुलसीदास जी कामदगिरि पर्वत के पास निवास कर रहे थे, तब श्रीगोकुलनाथ जी की प्रेरणा से श्रीसूरदास जी उनके पास आये। उन्होने अपना सूरसागर ग्रंथ दिखाया और दो पद गाकार सुनाये, तुलसीदास जी ने पुस्तक उठाकर हृदय
