Jayendra Lok

Category: कहानियां

बुजुर्गों की सोच दूर दृष्टि और अनुभव वाली होती है – प्रेरक कहानी (Bujurgon Ki Soch Doordrashti Aur Anubhavi Hoti Hai)

एक बहुत बड़ा विशाल पेड़ था। उस पर बहुत से हंस रहते थे। उनमें एक बहुत सयाना हंस था। वह बुद्धिमान और बहुत दूरदर्शी था। सब उसका आदर करते ताऊ कहकर बुलाते थे। एक दिन उसने एक नन्ही-सी बेल को पेड़ के तने पर बहुत नीचे लिपटते पाया। ताऊ ने

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सच्चा सपूत कौन ? – प्रेरक कहानी (Who is the true son?)

एक गाँव में तलाब था। उस तलाब पर तीन स्त्रियां पानी भरने गयी। वहाँ पर पहले से ही एक बूढ़ा आदमी बैठ कर के कुछ खा रहा था। तीनों औरतें जमीन पर अपने-अपने घड़े रख कर बैठ गई और उस बूढ़े को सुना कर आपस में बातें करने लगी।एक औरत

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हे कन्हैया! क्या बिगाड़ा था मैंने तुम्हारा – प्रेरक कहानी (Kanhaiya Kya Bigada Tha Maine Tumhara)

एक औरत रोटी बनाते बनाते ॐ भगवते वासूदेवाय नम: का जाप कर रही थी, अलग से पूजा का समय कहाँ निकाल पाती थी बेचारी, तो बस काम करते करते ही। एकाएक धड़ाम से जोरों की आवाज हुई और साथ मे दर्दनाक चीख। कलेजा धक से रह गया जब आंगन में

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राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न भाइयों का प्यार (Ram, Lakshmana, Bharata and Shatrughna Charon Bhaiyon Ka Pyar)

राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न चारों भाइयों के बचपन का एक प्रसंग है!जब ये लोग खेलते थे तो लक्ष्मण राम की तरफ उनके पीछे होता था और सामने वाले पाले में भरत और शत्रुघ्न होते थे। तब लक्ष्मण हमेशा भरत को बोलते कि राम भैया सबसे ज्यादा मुझे प्यार करते

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अपने वास्तविक कार्यों पर गंभीर बने – प्रेरक कहानी (Apane Vastavik Karyon Par Gambheer Bane)

बंगाल में नदिया के राजा कृष्णचंद्र के दरबार के नवरत्नों में से थे गोपाल भांड। वह अपनी सूझ-बूझ और चतुराई से राजा सहित आम जनता की समस्याओं को सुलझाने के लिए हमेशा तैयार रहते थे। एक बार राजा कृष्णचंद्र की सभा में बाहर से आए एक पंडित आए।वह उस समय

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अपनी गठरी टटोलें – प्रेरक कहानी (Apani Gathari Tatolen)

दो आदमी यात्रा पर निकले! दोनों की मुलाकात हुई, दोनों का गंतव्य एक था तो दोनों यात्रा में साथ हो चले।सात दिन बाद दोनों के अलग होने का समय आया तो एक ने कहा: भाई साहब! एक सप्ताह तक हम दोनों साथ रहे क्या आपने मुझे पहचाना? दूसरे ने कहा:

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गेहूँ का दाना एक शिक्षक – प्रेरक कहानी (Gehun Ka Dana Ek Teacher)

गेहूँ का दाना वह शिक्षक है जो मुझे सृष्टि के नियमों को सिखाता है -मैं एक कहानी कहना चाहूँगा, जो सर्वाधिक महत्वपूर्ण कहानियों में से एक है। इस कहानी का संबंध संत से है। एक बार एक राजा युद्ध जीतकर लौट रहा था, तो वह संत के निवास के निकट

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सनातन गोस्वामी का नियम – प्रेरक कहानी (Sanatan Goswami Ka Niyam)

गिरि गोवर्द्धन की नित्य परिक्रमा करना, अब उनकी अवस्था 90 वर्ष की हो गयी थी, नियम पालन मुश्किल हो गया था फिर भी वे किसी प्रकार निबाहे जा रहे थे।एक बार वे परिक्रमा करते हुए लड़खड़ाकर गिर पड़े, एक गोप-बालक ने उन्हें पकड़ कर उठाया और कहा: बाबा, तो पै

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सच्चे देशभक्त की निष्ठा – प्रेरक कहानी (Sachche Deshabhakt Ki Nishtha)

94 साल के एक बूढ़े व्यक्ति को मकान मालिक ने किराया न दे पाने पर किराए के मकान से निकाल दिया। बूढ़े के पास एक पुराना बिस्तर, कुछ एल्युमीनियम के बर्तन, एक प्लास्टिक की बाल्टी और एक मग आदि के अलावा शायद ही कोई सामान था। बूढ़े ने मालिक से

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पांच मिनट का जीवन – प्रेरक कहानी (Panch Minutes Ka Jeevan)

एक बार एक व्यक्ति को रास्ते में यमराज मिल गये वो व्यक्ति उन्हें पहचान नहीं सका। यमराज ने पीने के लिए व्यक्ति से पानी माँगा, बिना एक क्षण गंवाए उसने पानी पिला दिया। पानी पीने के बाद यमराज ने बताया कि वो उसके प्राण लेने आये हैं लेकिन चूँकि तुमने

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