Jayendra Lok

Category: कहानियां

ग्राम देवता की सीख का फल – प्रेरक कहानी (Gram Devata Ki Seekh Ka Phal)

घटना लगभग डेढ़-सौ साल पुरानी है। जिस व्यक्ति हरबंश उपाध्याय के साथ घटी है, उसी परिवार के सबसे वयोवृद्ध व्यक्ति ने ये बात मुझे लगभग पच्चीस साल पहिले सुनायी थी। गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए नाम परिवर्तित कर दिये गये हैं।सुंदरपुर में कुलदेवी का मंदिर आज जितना विशाल और

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गोस्वामी तुलसीदास की श्री हनुमान जी से भेंट – सत्य कथा (Goswami Tulsidas Ki Hanuman Ji Se Bhent)

गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा श्री हनुमान जी के दर्शन: गोस्वामी जी काशी मे प्रह्लाद घाटपर प्रतिदिन वाल्मीकीय रामायण की कथा सुनने जाया करते थे। एक दिन वहाँ एक विचित्र घटना घटी। तुलसीदास जी प्रतिदिन शौच होने जंगल में जाते, लौटते समय जो अवशेष जल होता, उसे एक पीपल के वृक्ष

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राम से बड़ा राम का नाम क्यों – प्रेरक कहानी (Ram Se Bada Ram Ka Naam)

श्री राम दरबार में हनुमानजी महाराज श्री रामजी की सेवा में इतने तन्मय हो गये कि गुरू वशिष्ठ के आने का उनको ध्यान ही नहीं रहा!सभी ने उठ कर उनका अभिवादन किया पर, हनुमानजी नहीं कर पाये। वशिष्ठ जी ने श्री रामजी से कहा कि राम गुरु का भरे दरबार

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तुलसीदास जी द्वारा श्री रामचरितमानस की रचना – सत्य कथा (Goswami Tulsidas Dwara Shri Ramcharit Manas Ki Rachna)

श्री रामचरितमानस की रचना: चित्रकूट से लौट कर, गोस्वामी जी काशी पहुँचे और वहां प्रह्लाद घाटपर एक ब्रह्मण के घर निवास किया । वहाँ उनकी कवित्व शक्ति स्फुरित हो गयी और वह संस्कृत में रचना करने लगे।यह एक अद्भुत बात थी कि दिन में वे जितनी कविता रचना करते रात

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दद्दा की डेढ़ टिकट – प्रेरक कहानी (Dadda Ki Dedh Ticket)

महानगर के उस अंतिम बसस्टॉप पर जैसे ही कंडक्टर ने बस रोक दरवाजा खोला, नीचे खड़े एक देहाती बुजुर्ग ने चढ़ने के लिए हाथ बढ़ाया। एक ही हाथ से सहारा ले डगमगाते कदमों से वे बस में चढ़े, क्योंकि दूसरे हाथ में थी भगवान गणेश की एक अत्यंत मनोहर बालमूर्ति

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कुछ लोग ही कृष्ण की ओर बढ़ते हैं – प्रेरक कहानी (Kuch Log Hi Krashna Ki Aur Badhate Hain)

छोटी छोटी बातों से भी बड़ी बड़ी शिक्षा कैसे दी जाय यह कोई श्री प्रभुपाद जी से सीखे। श्री प्रभुपाद जी अपने कुछ शिष्यों के साथ एक पार्क में गए, पार्क में घूमने के पश्चात वह अपने शिष्यों के साथ बेंच में बैठ गए, पास ही एक तालाब था जिसमें

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श्री कृष्ण की सभी दुष्टों को एक साथ मारने की तरकीब – प्रेरक कहानी (Shri Krishna Ki Sabhi Duston Ko Ek Sath Marane Ki Tarakeeb)

कंस की मृत्यु के पश्चात उसका ससुर जरासन्ध बहुत ही क्रोधित था, ओर उसने कृष्ण व बलराम को मारने हेतु मथुरा पर 17 बार आक्रमण किया…प्रत्येक पराजय के बाद वह अपने विचारों का समर्थंन करने वाले तमाम राजाओं से सम्पर्क करता और उनसे महागठबंधन बनाता और मथुरा पर हमला करता,

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सुदर्शन रूप में भक्त की प्रेत से रक्षा – सत्य कथा (Sudarshan Roop Main Bhakt Ki Pret Se Raksha)

संत अनंतकृष्ण बाबा जी के पास एक लड़का सत्संग सुनने के लिए आया करता था। संत से प्रभावित होकर बालक द्वारा दीक्षा के लिए प्रार्थना करने पर बाबा जी ने कहा कि महामंत्र का ११ लाख जप करके आओ उसके बाद विचार करेंगे।लगभग कुछ महीनों के पश्चात जप की संख्या

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छोटी सी गौरैया का श्रीकृष्ण पर विश्वास – प्रेरक कहानी (Chhoti Si Gauraiya Ka Shri Krishna Par Vishvas)

कुरुक्षेत्र के युद्धक्षेत्र को विशाल सेनाओं के आवागमन की सुविधा के लिए तैयार किया जा रहा था। उन्होंने हाथियों का इस्तेमाल पेड़ों को उखाड़ने और जमीन साफ करने के लिए किया।ऐसे ही एक पेड़ पर एक गौरैया अपने चार बच्चों के साथ रहती थी। जब उस पेड़ को उखाड़ा जा

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महाभारत में कर्ण ने श्रीकृष्ण से पूछा? (Mahabharat Mein Karn Ne Shri Krishna Se Poocha)

महाभारत में कर्ण ने श्री कृष्ण से पूछा: मेरी माँ ने मुझे जन्मते ही त्याग दिया, क्या ये मेरा अपराध था कि मेरा जन्म एक अवैध बच्चे के रूप में हुआ?दोर्णाचार्य ने मुझे शिक्षा देने से मना कर दिया क्योंकि वो मुझे क्षत्रीय नही मानते थे, क्या ये मेरा कसूर

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