Jayendra Lok

Category: कथाएँ

कमला देवी चट्टोपाध्याय पहली महिला थीं, जिनको आजादी के आंदोलन के लिए जेल में डाला गया

कमला देवी चट्टोपाध्याय जब विदेश से लौटीं तो आजादी आंदोलन में एक बार फिर सक्रिय रूप से जुड़ गईं। जब भी आजादी आंदोलन से जुड़ी महिलाओं का जिक्र होगा कमला से जुड़ी तमाम कहानियों का जिक्र जरूर होगा। वह बहुत निडर और बहादुर किस्म की महिला थीं। उनकी हिम्मत के

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गंगा दशहरा कथा (Ganga Dussehra Katha)

भगवान् श्रीरामका जन्म अयोध्याके सूर्यवंशमें हुआ था। चक्रवर्ती महाराज सगर उनके पूर्वज थे। उनकी केशिनी और सुमति नामकी दो रानियाँ थीं। केशिनीके पुत्रका नाम असमञ्जस था और सुमतिके साठ हजार पुत्र थे। असमञ्जसके पुत्रका नाम अंशुमान् था। राजा सगरके असमञ्जससहित सभी पुत्र अत्यन्त उद्दण्ड और दुष्ट प्रकृतिके थे, परंतु पौत्र

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Shrimad Bhagwat Geeta Adhyay 9 | श्रीमद भगवद गीता नौवाँ अध्याय

॥ अथ नवमोऽध्यायः ॥ श्रीभगवानुवाच इदं तु ते गुह्यतमं प्रवक्ष्याम्यनसूयवे। ज्ञानं विज्ञानसहितं यज्ज्ञात्वा मोक्ष्यसेऽशुभात्॥1॥ श्रीभगवान बोलेः तुझ दोष दृष्टिरहित भक्त के लिए इस परम गोपनीय विज्ञानसहित ज्ञान को पुनः भली भाँति कहूँगा, जिसको जानकर तू दुःखरूप संसार से मुक्त हो जाएगा। राजविद्या राजगुह्यं पवित्रमिदमुत्तमम्। प्रत्यक्षावगमं धर्म्यं सुसुखं कर्तुमव्ययम्॥2॥ यह विज्ञानसहित

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बलिया के इस शेर की वजह से भारत में सबसे पहले अंग्रेजों से आजाद हुआ था यह हिस्सा

बलिया के एक नौजवान ने अंग्रेजों को नाकों चने चबवा दिए थे। उन्हें आज भी ‘बलिया के शेर’ के रूप में याद किया जाता है। बलिया के शेर थे क्रांतिकारी चित्तू पांडे। 1942 के अगस्त महीने में जहां एक तरफ आसमान के बादल बारिश कराते नहीं थक रहे थे, वहीं

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Shrimad Bhagwat Geeta Adhyay 8 | श्रीमद भगवद गीता आठवाँ अध्याय

॥ अथाष्टमोऽध्यायः ॥ अर्जुन उवाच किं तद् ब्रह्म किमध्यात्मं किं कर्म पुरुषोत्तम। अधिभूतं च किं प्रोक्तमधिदैवं किमुच्यते॥1॥ भावार्थ : अर्जुन ने कहाः हे पुरुषोत्तम! वह ब्रह्म क्या है? अध्यात्म क्या है? कर्म क्या है? अधिभूत नाम से क्या कहा गया है और अधिदैव किसको कहते हैं? अधियज्ञ कथं कोऽत्र देहेऽस्मिन्मधुसूदन।

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भारत की इस महिला ने संयुक्त राष्ट्र में महिलाओं के समान अधिकारों की लड़ी लंबी लड़ाई

वर्ष 1897 में दर्शनशास्त्र के प्राध्यापक मनुभाई मेहता के यहां पुत्री ने जन्म लिया। शिक्षित परिवेश में कन्या बड़ी हुई। उसने भारत से स्नातक की परीक्षा पास की और आगे की पढ़ाई के लिए इंग्लैंड चली गईं। वहां उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स में पढ़ाई की। इंग्लैंड में उनकी मुलाकात

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पाण्डव निर्जला एकादशी व्रत कथा (Nirjala Ekadashi Vrat Katha)

निर्जला एकादशी का महत्त्व: एकादशी व्रत हिन्दुओ में सबसे अधिक प्रचलित व्रत माना जाता है। वर्ष में चौबीस एकादशियाँ आती हैं, किन्तु इन सब एकादशियों में ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी सबसे बढ़कर फल देने वाली समझी जाती है क्योंकि इस एक एकादशी का व्रत रखने से वर्ष भर की एकादशियों के

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वट सावित्री व्रत कथा | Vat Savitri Vrat Katha | कथा व अनुष्ठान

वट सावित्री व्रत अनुष्ठान सूर्योदय से पहले महिलाएं आंवला और तिल से पवित्र स्नान करती हैं और साफ कपड़े पहनती हैं। वे सिंदूर और चूड़ियाँ लगाते हैं – विवाहित महिलाओं से जुड़े सामान – और निर्जला (पानी नहीं) उपवास की कसम खाते हैं। अगर व्रत तीन दिन तक चलता है

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वट सावित्री व्रत कथा (Vat Savitri Vrat Katha)

विवाहित महिलाओं के बीच अत्यधिक प्रचलित ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या के दिन आने वाले सावित्री व्रत की कथा निम्न प्रकार से है:भद्र देश के एक राजा थे, जिनका नाम अश्वपति था। भद्र देश के राजा अश्वपति के कोई संतान न थी। उन्होंने संतान की प्राप्ति के लिए मंत्रोच्चारण के साथ प्रतिदिन

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शनिदेव की कथा | Story of Shani Dev

शनिदेव के बारे में ऐसी बहुत सी पौराणिक कथाएं प्रचलित है, जिन्हें बहुत ही कम लोग जानते है। आइए जानते है क्या है यह कथा। शनिदेव अपने पिता सूर्यदेव को क्यों करते है नापसंद जब शनिदेव ने छाया के गर्भ से जन्म लिया तो उनके काले रंग को देखकर सूर्यदेव

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