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Category: जैन पूजन -विधान संग्रह

Shri 24 Tirthankar Bhagwan Ki Aarti- चौबीस तीर्थंकर भगवान की आरती
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Shri 24 Tirthankar Bhagwan Ki Aarti- चौबीस तीर्थंकर भगवान की आरती

Shri 24 Tirthankar Bhagwan Ki Aarti: बहुत ही सुन्दर और मंगलकारी जैन धर्म के 24 तीर्थंकरों की आरती। Jain 24 Tirthankar Bhagwan Ki Aarti करहूँ आरती आज जिनेश्वर तुम्हरे द्वारे, करहूँ आरती आज जिनेश्वर तुम्हरे द्वारे ऋषभ, अजित, संभव जिन-स्वामी, अभिनंदन भगवान, जिनेश्वर तुम्हरे द्वारे करहूँ आरती आज जिनेश्वर तुम्हरे

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Powerful 84 लाख मंत्रों के राजा Namokar Mahamantra Pooja | णमोकार महामंत्र पूजा
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Powerful 84 लाख मंत्रों के राजा Namokar Mahamantra Pooja | णमोकार महामंत्र पूजा

Namokar Mahamantra Pooja: जैन धर्म के सर्व पूजनीय पञ्च परम पद में स्थित पाँच परमेष्ठी ( अरिहंत , सिद्ध , आचार्य, उपाध्याय, साधु ) को नमस्कार किया गया है जिसमे ऐसे मंत्र राज णमोकार महामंत्र जिसको अनादिनिधन,नमस्कार मंत्र आदि नामों से भी जाना जाता है। जिसके स्मरण मात्र (जाप्य )  से

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24 वे तीर्थंकर Shri Mahaveer Swami Ji Pooja – श्री महावीर स्वामी जी जिन पूजा
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24 वे तीर्थंकर Shri Mahaveer Swami Ji Pooja – श्री महावीर स्वामी जी जिन पूजा

श्री महावीर स्वामी जी जिन पूजा (Shri Mahaveer Swami Ji Pooja) कविश्री वृन्दावनदास जी द्वारा अनुपम कृति है। इस पूजा को पढ़ते एवं सुनते वक्त मनुष्यों का हृदय भाव विभोर हो प्रभु की भक्ति में झूम उठता है। प्रभु भक्ति का आनंद। … श्री महावीर स्वामी जी जिन पूजा –

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Wonderful Navkar Mantra Aarti | णमोकार महामंत्र की आरती
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Wonderful Navkar Mantra Aarti | णमोकार महामंत्र की आरती

Navkar Mantra Aarti: नवकार कहो या  णमोकार महामंत्र। बंधुओं बात एक ही है।  क्यूंकि दोनों ही एकक दूसरे के समानार्थक है। इस मंत्र में जिन पञ्च पदों की आरती की गयी है। वे सचमुच में अनंतशक्तिशाली है। हम परम पद में स्थित उनको नमस्कार करते है। Navkar Mantra Aarti |

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1st Teerthankar Bade Baba Pooja | बड़े बाबा पूजा | मुनि उत्तम सागर जी
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1st Teerthankar Bade Baba Pooja | बड़े बाबा पूजा | मुनि उत्तम सागर जी

Bade Baba Pooja: बड़े ही पुण्य के उदय से इस कलियुग में हम भक्तों को बड़े बाबा अर्थात प्रथम तीर्थंकर श्री आदिनाथ एवं छोटे बाबा आचार्य श्री विद्यासागर जी मुनिराज की कृपा से उन्ही के शिष्य मुनि श्री उत्तम सागर जी द्वारा रचित यह पूजा प्राप्त हुई है। आशा ही

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Most Powerful Navgrah Shanti Stotra Sanskrit & Hindi | नवग्रह शांति स्तोत्रम् संस्कृत -हिन्दी |
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Most Powerful Navgrah Shanti Stotra Sanskrit & Hindi | नवग्रह शांति स्तोत्रम् संस्कृत -हिन्दी |

Navgrah Shanti Stotra Sasnkrit & Hindi : पंचम श्रुत केवली आचार्य  श्री भद्रबाहु स्वामी द्वारा संस्कृत रचित एवं आर्यिका श्री 105 चंदनामती माता जी द्वारा हिंदी भाषा रचित नवग्रह शांति स्तोत्र ( 24 तीर्थंकरों की आराधना से ) 9 ग्रहों से शांति प्रदान करने में सहायक है। Navgrah Shanti Stotra

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Exaggerated Shri Rishimandal Pooja | अतिशयकारी श्री ऋषिमंडल पूजा
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Exaggerated Shri Rishimandal Pooja | अतिशयकारी श्री ऋषिमंडल पूजा

Rishimandal Pooja : जन – जन के समस्त कष्टों को हरने वाला समस्त आधि- व्याधियों का नाशक यह स्तोत्र जैन दर्शन में अपना एक अलग ही स्थान को धारण करता है।  इस स्तोत्र में पांच परमेष्ठी, 24 तीर्थंकरों की आराधना नमन कर सर्व दुष्ट जीव जन्तुओं भूत प्रेत व्यंतर राक्षस

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21 Tirthankar Shri Naminath ji Chalisa | श्री नमिनाथ जी चालीसा
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21 Tirthankar Shri Naminath ji Chalisa | श्री नमिनाथ जी चालीसा

Shri Naminath ji Chalisa: माता विप्रा रानी पिता राजा विजय की आँखों के तारे मिथिला नगरी में श्रावण कृष्णा अष्टमी अश्वनी नक्षत्र में जन्मे स्वर्ण वर्णी नील कमल चिन्ह से युक्त सम्मेदशिखर जी से निर्वाण पधारे प्रभु श्री नमिनाथ जी चालीसा हम सभी का मंगल करे।  इसी मंगल भावना के

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Shri Vasupujya Ji Chalisa | 12 वें तीर्थंकर श्री वासुपूज्य जी चालीसा
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Shri Vasupujya Ji Chalisa | 12 वें तीर्थंकर श्री वासुपूज्य जी चालीसा

Shri Vasupujya Ji Chalisa : चम्पापुर नगरी में जन्मे पिता श्री महाराज वसुपूज्य जी एवं माता जयादेवी जी के लाड़ले  12 वें धर्मतीर्थ प्रवर्तक श्री वासुपूज्य भगवन चालीसा जन -जन के लिए कल्याणकारी हो। इसी मंगल भावना के साथ प्रस्तुत :- श्री वासुपूज्य जी चालीसा – Shri Vasupujya Ji Chalisa 

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6th Jain Tirthankar Shri Padamprabhu Chalisa- श्री पदमप्रभु चालीसा
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6th Jain Tirthankar Shri Padamprabhu Chalisa- श्री पदमप्रभु चालीसा

Shri Padamprabhu Chalisa : जैन धर्म के छठवे तीर्थंकर कौशाम्बी नगरी में माता सुसीमा एवं पिता श्रीधर धरण राज के राज दुलारे 1008 श्री पदमप्रभ स्वामी जी। जिन्होंने श्री सम्मेदशिखर जी से मोक्ष पधारे जिनवर का चालीसा हम सभी के लिए कल्याणकारी हो। इसी भावना से प्रस्तुत : Shri Padamprabhu

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