भरदे रे श्याम झोली भरदे: भजन (Bharde Re Shyam Jholi Bhar De)
भरदे रे श्याम झोली भरदे, भरदे, ना बहला ओ बातों में, ना बहला ओ, बातों में ॥नादान है अनजान हैं, श्याम तू ही मेरा भगवान है, तुझे चाहूं तुझे पाऊं, मेरे दिल का यही अरमान है, पढ़ ले रे श्याम दिल की पढ़ले, सब लिखा है आंखों में, भरदे रे