Jayendra Lok

Siddhachal Samru Sada Sorat Desh Mojar (Hindi)

सिद्धाचल समरूं सदा सोरठ देश

मोझार, मनुष्य जन्म पामी करी

वंदू वार हजार….(१)

 

ऊंचो तारो डुंगरो रे नाथ,

 डुंगरियामां बेठा आदीनाथ,

 (मूर्ति एनी झगमग-झगमग थाया… 

ऊंचो तारो डुंगरो रे नाथ…(२)

 

मरूदेवा माताना राजकुमार, 

नाभिरायाना बेठा राजदुल्हार,

 (मुखडुं एनुं मलक-मलक थाय)… 

ऊंचो तारो डुंगरो रे नाथ….(३)

 

कंठे शोभे हिरला केरो हार, 

मुगट एने माथे मनोहार, 

(हिरला एना चमचम-चमचम थाया… 

ऊंचो तारो डुंगरो रे नाथ….(४)

 

भक्त तमारु नानेरुं छे बाळ,

 लेजो एनी दादा संभाळ, 

(दिलडुं एनुं डगमग-डगमग थाया… 

ऊंचो तारो डुंगरो रे नाथ…(५)