Jayendra Lok

Parinati Na Parv Ma Rang Chhayo (Hindi)

परिणतिना पर्वमां, रंग छायो, 

आनंदना तरंगनो, संग भायो, 

स्वने चाहुं सौने चाहुं,

 प्रेम परमे पदवी पायो….१

 

रेलावे जे, जीवन संगीत, 

हृदयनी सभरता, ए स्नेहनो, 

निधि मळ्यो, संयम जीवनमां…२

 

मंगल हो आ विश्वनुं, 

प्रार्थना ए फळी, 

प्रेमनी धार वहेवा दो,

 संवेदना ए खीली…३

 

जीवने हरक्षण प्रभुकृपा छे,

 एनो अनुभव मारी कथा छे, 

बधे ज जोयुं ईशनुं प्रतिबिंब छे, 

थयो पवित्र प्रभु स्मरणथी,

 प्रजळ्यां पापो गुरु चरणथी, 

मळ्युं मुजने मंगलनुं वरदान छे…४

 

सतनुं शिखर चढुं कदी, 

सद्भावना ए धरी, 

तेजोवलय वींटुं स्वयं, 

मन कामना ए करी, 

पावित्र्यनां स्पंदन हो,

 प्रार्थना ए फळी, 

जेमां धर्म तेनो जय हो,

 संवेदना ए खीली….५

 

प्रसन्नता स्पर्शन हो, 

प्रार्थना ए फळी,

 मंडन सहुनुं मारी आस्था, 

संवेदना ए खीली…६

 

परिणतिना पर्वमां रंग छायो, 

आनंदना तरंगनो संग भायो,

 स्वने चाहुं सौने चाहुं, 

प्रेम परमे पदवी पायो…७