Jayendra Lok

Ho Saiyam Panth Na Shur Veero (Hindi)

हो संयम पंथना शूरवीरो, 

हो संयम पंथना शूरवीरो, 

सिंह गर्जना करी, 

आजे नीकळ्या जे राहे तमे…

 हो वीर वेषना केसरिया, 

हो वीर वेषना केसरिया, 

हवे करशो तमे, हाथमां धरीने ओघो…१

 

आणा ए धम्मो पाळीने,

 तमे हंफावजो कर्मोने, 

सत्व साधी वैरागी,

 वीतरागी धरजो दशा तमे, 

हो रहेजो सदा गुरु आज्ञामां,

 ओगाळी जातने तमे, 

धर्यो जे वेषने तमे, वफादार रहेजो एने…२

 

आ तो यात्रा मोक्षपतनी,

 आ तो यात्रा मोक्षपथनी, 

सिद्धशिला नगरी,

 जल्दी तमे पामो हवे… 

सर्व स्वीकारनी यात्रा,

 घाती कर्मोनो नाश करे,

 शुद्ध तारो आत्मा बने, 

भवथी तुं निस्तार करे…३