Jayendra Lok

Tane Pamine Nemi Bhulu Badhu Ne (Hindi)

तने पामीने नेमि भुलु बधुने, 

थाउं तारामां मगन,

 स्मरणो तारा घेरी वळ्याने, 

हैयुं करे छे भावन, 

शमणामां तुं आवे, 

मारा चित्तने तुं लोभावे, 

(लाग्यो रे लाग्यो..) 

लाग्यो रे नेमिनो रंग…(१)

 

लागणीमां तुं, मांगणीमां तुं, 

प्रेमनी पण भीनाश तुं, 

रैवतगिरीनो, नेमि मारो, 

भवोभवनी प्यास तुं,

 नेमिनो जादू, थयुं छे केवुं, 

वश बन्युं छे हैयुं रे, 

भीना रे भीना, नयनोथी ते, 

प्रशम झरणु वहाव्युं रे, 

ब्रह्मचारीनी वातो,करवामां वीते छे रातो, 

(लाग्यो रे लाग्यो..)

 लाग्यो रे नेमिनो रंग…(२)

 

जोईने तमने, साहेब मारा, 

दिल मारूं लोभाणुं रे, 

तेज अनुपम, देखीने तारूं, 

सूरज पण शरमाणुं रे, 

मीठुं रे मीठुं, स्मित मैं जोयुं, 

मन बन्यु मदघेलुं रे, 

नेमि रे तारा, चरणोमां हुं, 

सघळा दुःखने मेलुं रे, 

नेमि तुं छे अलबेलो, 

तारा संगे थाउं घेलो,

 (लाग्यो रे लाग्यो..) 

लाग्यो रे नेमिनो रंग….(३)

 

नेमिना रंगे, रंगाणुं दिल, 

ए रंगोने हुं तो पामुं,

 हुं दास तारो आजथी, तारा

 चरणे, परम् सुखनो आनंद माणुं…(४)