Jayendra Lok

Tu ja Marg Dekhad Mujne (Hindi)

तुं ज मार्ग देखाड मुजने, राह भटक्यो छुं, 

साचा सुख ने शोधवानी, राह गोतुं छु, 

संसारना संबंधो नो, भार लागे छे,

 मनतणी आ मुंजवणथी, थाक लागे छे, 

नेम आवी जा, आवी नेम तुं लई जा, 

मन मांही हुं एज मांगु रे…

नेम आवो ने आवो ने मने

 तारवाने नेम आवो ने…

 बांधवी मननी सगाई..

हो नेम आवो ने आवो ने नेम

 तमे आवो ने.. आवो ने नेम आवो…(१)

 

तारा पंथे चालवानुं सत्व मांगु छुं,

 मार्गमां भटकी पडु ना, बळ हुं मांगु छु,

 भावना शासनरसीनी, प्रभु हुं मांगु छु,

 सिद्धपदने पामवा, तारो साथ मांगु छुं, 

नेम आवी जा, आवी नेम तुं लई जा,

 मन मांही हुं एज मांगु रे…

नेम आवो ने आवो ने 

मने तारवाने नेम आवो ने… 

बांधवी मननी सगाई..

हो नेम आवो ने आवो ने 

नेम तमे आवो ने.. 

आवो ने नेम आवो…(२)