Jayendra Lok

Guru Ma Tara Charno Ma (Hindi)

गुरुमाँ तारा चरणोमां, 

१०० तीरथ धाम मळे,

 गुरुमाँ तारी आंखोमां, 

करुणानो धोध वहे,

 प्रेमनी मुरत,

 प्यारी छे सुरत,

 जोईने नयनो ठरे, 

वसंतप्रभा गुरुमाँ मळ्या,

 जाणे भवोभवना पुण्य फळ्या….(१)

 

लागणीनी सरिता तुज माहीं,

 नवकार तणो छे नाद,

 मुखडु आ तमारु स्नेह भरेलुं, 

जाणे पुनमनों चांद, 

जन-जन मनमां, 

घर-घर तारा,

 हृदये रणकार करे, 

वसंतप्रभा गुरुमाँ मळ्या, 

जाणे भवोभवना पुण्य फळ्या…(२)

 

तुज शरण मुज आशरो ने,

 तारी गोद सुवाडी, 

 हाथ रहे मुज माथे तारो, 

मीठडी नजरुं छे व्हाली,

 धड़कन मारी, 

धबकार करे ने,

 रोमे-रोमे तुज रहे, 

वसंतप्रभा गुरुमाँ मळ्या,

 जाणे भवोभवना पुण्य फळ्या….(३)