Jayendra Lok

Veerata Sada Tum Dharje (Hindi)

वीरता सदा तुं धारजे, विरती जीवन शोभावजे, 

तारूं थशे कल्याण, करशे वीर पंथे प्रयाण,

 मारो वीर राजकुमार… हमारो वीर राजकुमार…(१)

 

संसारमां केम जीवता, शीखव्युं हतु मैं तो तने, 

आ मोह दोषो जीतवा, फावी गयुं केमे तने?

 आपु छुं आशीर्वाद, जई करजे तुं सिंहनाद, 

मारो वीर राजकुमार…(२)

 

संस्कार दीधा मैं तने, करजे तुं एवी साधना, 

अंतिम बनुं हुं मात तारी, एहवी मुज भावना,

 वरजे तुं आतम सुख, ने अजवाळजे मुज कुख, 

मारो वीर राजकुमार…(३)

 

भले घर हवे सुनु थशे, ने हृदय अम भीनू थशे, 

तारुं मधुरु शमणुं, संयम तणु पुरु थशे,

 सोप्यो तने अम प्राण, एने संभाळजो भगवान, 

मारो वीर राजकुमार… 

मारा हृदयनो धबकार, मारो वीर राजकुमार….(४)