Jayendra Lok

Ahoi Mata Ki Aarti: अहोई माता की आरती, जय अहोई माता….

Ahoi Mata Aarti 2024: अहोई अष्टमी व्रत की पूजा में अहोई माता की पूजा के बाद व्रती महिलाओं को माता अहोई की आरती करनी चाहिए। माता अहोई हर अनहोनी से अपने भक्तों की और उनकी संतान की रक्षा करती हैं। माता अहोई की आरती जो भी व्रती महिलाएं सच्चे मन से करती हैं माता अहोई उन पर स्नेह से कृपा करती हैं। तो प्रेम से बोलिए जय अहोई माता और मिलकर गाएं अहोई माता की आरती।
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जय अहोई माता जय अहोई माता। तुमको निशिदिन सेवत हर विष्णु विधाता॥
मैया जय अहोई माता, जय जय अहोई माता।
ब्रह्माणी रूद्राणी कमला तू ही है जगमाता । सूर्य चन्द्रमा ध्यावत नारद ऋषि गाता।।
मैया जय अहोई माता, जय जय होई माता।
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माता रूप निरंजन सुख सम्पति दाता। जो कोई तुमको ध्यावत नित मंगल आता।
मैया जय अहोई माता, जय जय अहोई माता।
तू ही है पाताल वसंती, तू ही शुभदाता। कर्मप्रभाव प्रकाशक जगनिधि से त्राता।।
मैया जय अहोई माता, जय जय अहोई माता।
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जिस घर थारो बासो वाही में गुण आता। कर न सके सोई करले मन नहीं घबराता।।
मैया जय अहोई माता, जय जय अहोई माता।
तुम बिन सुख न होवे पुत्र न कोई पाता। खान पान का वैभव तुम बिन नही जाता।।
मैया जय अहोई माता, जय जय अहोई माता।
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शुभ गुण सुन्दर मुक्ता क्षीरनिधि जाता। रत्न चतुर्दश तोकूं कोई नहीं पाता।।
मैया जय अहोई माता, जय जय अहोई माता।
श्री अहोई माँ की आरती जो कोई भी गाता। उर उमंग अतिं उपजे पाप उतर जाता।।
मैया जय अहोई माता, जय जय अहोई माता।