Jayendra Lok

Am Sahuna Chho Upkaree (Hindi)

अम सहुना छो उपकारी, 

व्हाला व्हाला गुरु, 

संसारथी उगारी,

 संयम आप्युं गुरु, 

तुज चरणोने पामी, 

आ जीवन ठर्युं, 

आभार तमारो मानुं, 

मारा प्यारा गुरु ॥धृ॥

 

मागसर सुद सातमनी, 

सलुणी सवार, 

संयम जीवन स्वीकारी,

 कर्यो आतम उध्धार, 

सीतेरमां वर्षे प्रवेश आजे, 

पागम्या गुरु, 

अम सहुना छो उपकारी, 

व्हाला व्हाला गुरु ॥१॥

 

साधक बनी गुरुवर्या, 

करता साधना, 

स्वामी छो सहजताना,

 ने सरळताना, 

अंतरमुखी छे आतम, 

तमारो गुरु, 

अम सहुना छो उपकारी, 

व्हाला व्हाला गुरु ॥२॥

 

वसंतप्रभाश्री गुरुमां, 

छे मनभावना, 

 भक्तो शिष्या प्रशिष्या, 

आपे शुभकामना,

 जीनशासनना सितारा बनी, 

रहेजो गुरु, 

अम सहुना छो उपकारी,

 व्हाला व्हाला गुरु ॥३॥

 

व्रत विनवे गुरुमाँ ना,

 आशिष मळे, 

ज्ञानांजन करीने, 

जीवन सफल बने,

 तुम हृदये स्थान अमारूं, 

बस रहेजो गुरु, 

अम सहुना छो उपकारी, 

व्हाला व्हाला गुरु ॥४॥