Jayendra Lok

Bhale Jao Chho Mane Aaj Chhodee (Hindi)

भले जाओ छो मने आज छोडी,

 हुं काले आवी जईश पाछळ दौडी…(१)

 

करूं तारु झिक्र मारी हर वातमां,

 कहुं तुजने गुरुवर के परमात्मा? 

मारा मनडाने तुजमां डुबोडी,

 हुं काले आवी जईश पाछळ दौडी…(२)

 

केवि भव-भवनी थई छे आ प्रीति शरूं, 

मारा हृदये अंकित छे एक नाम तारूं,

 मारा कर्मोना उदयने तोडी,

 हुं काले आवी जईश पाछळ दौडी…(३)

 

केवि सुंदर हती रत्न रजत सफर, 

नहीं शक्य हतुं तारा आशिष वगर, 

हृदयेश्वर तारो हाथ पकडी,

 हुं काले आवी जईश पाछळ दौडी…(४)