Jayendra Lok

Bheetar Mahee Aaje (Hindi)

भीतरमंही आजे, 

अरमान जाग्यो रे, 

चारित्रनी चहेक माणवानो, 

अंतरमंही आजे, 

अरमान जाग्यो रे,

 मुक्तिमलयनी महेक माणवानो,

 रागना बंधनो तोडी, 

त्यागना पंथ रे जावुं,

 रागना बंधनो तोडी,

 साधना पंथ रे जावुं, 

संकल्प हवे छे अमारो…. 

संयम वरशुं साथे, 

जीवन तरशुं साथे,

 साथे धरशुं हवे, 

जिनवर आणा माथे…(१)

 

विरतीनी वाठे चालीने, 

गुरूवरना हाथने झालीने,

 समकितने पामवानी छे जागी चाहना, 

वीरजीनी वाठे चालीने,

 गुरूवरना हाथने झालीने, 

समताने धारी करवी छे साधना,

 रागना बंधनो तोडी, 

त्यागना पंथ रे जावुन, 

रागना बंधनो तोडी, 

साधना पंथ रे जावुं,

 संकल्प हवे छे अमारो…

 संयम वरशुं साथे, 

जीवन तरशुं साथे, 

साथे धरशुं हवे, 

जिनवर आणा माथे…(२)

 

जिनवरनी आणा शिर धारी,

 वरवी अमारे शिव नारी,

 आत्म स्वरुपमां रहेवा, 

बनवुं अमारे गिरनारी…

 संयम वरशुं साथे, 

जीवन तरशुं साथे, 

साथे धरशुं हवे,

 जिनवर आणा माथे….(३)