Jayendra Lok

Chahu Chhu Swami (Hindi)

चाहुं छुं स्वामी, अनहद कृपा तारी,

 मारी चाहनाने प्रभु, कर तुं हवे पुरी, 

ज़िंदगीनी हरपळे, चाहना मारी मळे,

 ताराथी ताराथी… साथ जो तारो मळे, 

साधना मारी फळे, ताराथी ताराथी…(१)

 

मारी सफलता प्रभु, तारी प्रबलता थकी,

ना काई एवुं खास छे मारामां, निष्फळ

थाउं कडी,हिम्मत ना हारूं कड़ी,

विश्वास एवो छे मने तारामां, साधनानी

आ सफर, चाले छे मारी अफर,

ताराथी ताराथी… कंटकोनी केडी पर,

चाले छे मारा कदम, ताराथी ताराथी…(२)

 

आंखोथी आंखो मळी, वातोनी वातो

थई, एवुं तो शुं छे ओ प्रभु तारामां,

द्रष्टि मिलावुं छुं तो, द्रष्टि मळे छें मने,

सृष्टि सजावुं ताहरी मारामां, ना हठे

मारी नजर, एक बस तारा उपर,

ताराथी ताराथी… तारी गुणकीर्ति करूं,

मुक्तिनुं मंगल वरूं, ताराथी ताराथी…(३)