Jayendra Lok

Hu Karu vinanti mata apne hindi lyrics

हूं करुं विनंती मा आपने, के सुधारजो मारी मति,

माँ सरस्वती, मा भगवती.. (२ वार)

वाम अंगे विणा धारती, कर पुस्तक माळा शोभती,

शोहे सवारीणी हंसिणी, श्रुतज्ञाननी छो अधिपति,

माँ सरस्वती मा भगवती.. (२ वार)

देव वृंद तमोने सदा नमे, तव नाम मन रमणे रमे,

करूणामयी भवतारिणी, मुज मन तिमिर ने तारती,

माँ मा भगवती.. (२ वार)

घटघट तमारो मा वास छे, तुम दृष्टिथी अजवास छे,

सेवे मलय चरणो सदां, अज्ञानता ने निवारति,

माँ सरस्वती मा भगवती.. (२ वार)

हुं करूं विनंति मा आपने, के सुधारजो मारी मति,

माँ सरस्वति मा भगवती.. (३ वार)