Jayendra Lok

Intezaar Hai Intezaar Hai (Hindi)

इंतजार है.. इंतजार है..

मेरे गुरुवर का मुझपे ये उपकार है,

अब रजोहरण का मुझको इंतजार है…

 इंतजार है.. इंतजार है…(1)

 

मुझे याद है बीते दिन वो,

बचपन में मौज मनाया,

 मुझे याद है बीते दिन वो,

 संसार में मौज मनाया,

क्षणभर के सुख है सारे,

अब मुझको समझ में आया,

प्रभुवीर का पथ ही,

अब मुझको स्वीकार है….

 इंतजार है.. इंतजार है…(2)

 

जबसे गुरुवर को पाया,

 मुझे कुछभी और न भाया,

 अब छोड़ के दुनिया सारी,

 मैं गुरु शरण में आया,

संयम का पथ ही,

 मुक्ति पथ का द्वार है….

इंतजार है.. इंतजार है…(3)

 

मेरे जीवन में गुरुवर का उपकार है,

 अब रजोहरण का मुझको इंतजार है…

 इंतजार है.. इंतजार है…(4)