Jayendra Lok

Kevu dhanya jivan hindi lyrics

केतुं धन्य जीवन जीवे छे मुनिराय,

निरखूंने आंखोमां, अमृत छलकाय…

दुःख दे ना कोईने, सहन करे छतांय, मुखडा पर समताने,

शांति सदाय… निरखं ने… (१)

जरूरत विचारे, पसंदगी न राखे,

शोधे निर्दोष जिनवचनोनी साखे;

धैर्य एनं एवं के मेरु शरमाय… निरखं ने… (२)

जो मळशे तो करशुं, मनथी संतुष्टि,

मुनिवरना भावोनी, शुं वात थाय… निरखं ने… (3)