Jayendra Lok

Mummy Mummy Kahata Rahu (Hindi)

मम्मी मम्मी कहता रहूँ

 तो दौडी चली वो आती 

और खट्टी मीठी लोरी सुनाके 

मन ही मन मुस्काती….(१)

 

मैं स्वर्ग सा सुख है पाऊँ 

जब चरणो में शीश नमाऊँ

 मैनें देखा नही है रब को 

मैं रब को तुझमें पाऊँ…. (२)

 

माँ मेरा साया तु, माँ तु ही मेरा जीवन 

माँ मेरा बचपन, तेरे होने से ही खिला

 माँ मेरी धडकन, तु है तो मुझे सब मिला

 मिला मुझे मिला, जमीं आसमां, मुझे रब मिला 

मुझे मिला, मुझे रब मिला 

मुझे मिला, मुझे रब मिला 

माँ……. माँ……. 

माँ मम्मा…(३)

 

माँ तेरी दूआएं है, माँ धरती पे भगवान

 माँ तेरे होने से रोशन है मेरा जहां

 माँ तेरे कदमो में है स्वर्ग और कहां

 मिले मुझे मिले, जनम जनम, माँ तु ही मिले,

 मिले मुझे, माँ तु ही मिले

 मिले मुझे, माँ तु ही मिले(४)