Jayendra Lok

Saiyam Jeevan Nee Suvasama (Hindi)

संयम जीवननी सुवासमां, भींजावुं मारे मारूं जीवन,सं

संसार रूपी सागरथी तरवानी, साधना छे संयम जीवन,

(वैराग्यनो शंखनाद… वैराग्यनो शंखनाद…)..

राग द्वेषनां संतापोने टाळे, मुक्तिना आ मार्गे पहोंचाडे,

(वैराग्यननो शंखनाद… वैराग्यनो शंखनाद…)… १

विश्वनी आध्यात्मिक, अजायबी छे, साधु जीवन,

गुरुकुलवासनी सेवामां, राखे सदाय, मंगल जीवन.. मंगल जीवन,

वैराग्यमां रंगाये, सुखनी ए छायानुं, साचुं जीवन… साधु जीवन,

(वैराग्यनो शंखनाद… वैराग्यनो शंखनाद…)…२

राग द्वेषनां बंधनोने तोडे, मोह छोडावे, संयम जीवन,

सद्गुरूनां संगमां भींजाए, सद्गुरूनां संगमां भींजाए,

अज्ञानी ने ज्ञानी बनावे, संयम जीवन, साधु जीवन…)…३

हिंसानां पंथने ए छोडे, कर्मोना बंधनोने तोडे,

साचुं जीवन, संयम जीवन,

(वैराग्यनो शंखनाद… वैराग्यनो शंखनाद…)…४