Jayendra Lok

Shamliyo Re Maro (Hindi)

शामळीयो रे मारो, शामळीयो रे…

नेम मारो प्रेम मारो, शामळीयो रे…

यादोमां रमतो मारो, शामळीयो रे…

बस एक गमतो मारो, शामलीयो रे…(१)

 

गिरनारी नेम मारा, शमणा सजावतो,

 मनमोहक स्मिते मारूं, हैयुं हरखावतो,

 करुणा नजरथी मने, नित ए निहाळतो,

 हाथ पसारी मने, पासे बोलावतो,

आववुं छे पासे तारी, जंखना मने,

 जागी छे हैये, ईशारो करे हवे,

 मळवाने नेम तने, हैयुं खमेना,

 वार छे एवुं नेम, कहेशो तमे ना…

 शामळीयो रे मारो, शामळीयो रे…

 नेम मारो प्रेम मारो, शामळीयो रे… (२)

 

हैयानो हार तुं, मारो शणगार तुं,

अश्रुनी धार कहे, मारो आधार तुं

 राजुल हुं तारी मारो, एक भरतार तुं,

अनहद छे प्रेम मने, मुजने स्वीकार तुं,

तारा विना क्षण, एक गमेना,

 तारा विना हैये, कोई रमेना,

आवशे ने नेम मारी, आशा तुटेना,

 आपजे विश्वास मारी, धीरज खूटेना,

शामळीयो रे मारो, शामळीयो रे…

 नेम मारो प्रेम मारो, शामळीयो रे… (३)