Jayendra Lok

Siddhabhoomee Siddhachale (Hindi)

सिद्धभूमी सिद्धाचले, नव्वाणुं करवाना,

 ऋषभ तारी मूरतिमां, सहुं घेलां थवाना…(१)

 

अरे ठुमक ठुमक पगे, चाली यात्रा करवाना, 

थाक लागे जयां जाप जपी, कष्टो सहेवाना,

 शत्रुंजयना दादा मळ्या, महिमावंत गवाय,

 ऋषभ तारी मूरतिमां, सहुं घेलां थवाना…(२)

 

टंक बे प्रतिक्रमण, एकासणुं थाय, 

चैत्यवंदन पांच साथे, साथीया पण थाय,

 १०८ यात्रा करी, जीवन धन्य थाय,

  ऋषभ तारी मूरतिमां, सहुं घेलां थवाना…(३)

 

शत्रुंजयना राजा, मारा आदिनाथ दादा, 

छट्ठ करी सात यात्रा करे, एना भवदुःख टळवाना,

 भवी जीवनो, त्रीजे भवे मोक्ष थाय, 

ऋषभ तारी मूरतिमां, सहुं घेलां थवाना….(४)