Jayendra Lok

Sidhachal giriraj mujhene pyaro lage re

सिद्धाचल गिरिराज मुझने प्यारो लागे रे.. (२)

मरूदेवा नो नंद तारणहारो लागे रे..(२)

सिद्धाचल गिरिराज मुझने प्यारो लागे रे..(२)

ऊँचा डुंगरे जईने बेठा आदेश्वर जिनराज रे..(२)

करुणासागर त्रिभुवनतारक पकड़ो मारो हाथ रे,

सिद्धाचल गिरिराज मुझने प्यारो लागे रे..(२)

नव-नव ट्रंको केरी शोभा महिमा नो नहीं पार रे..(२)

कांकेर-कांकेर अंनत सिध्या पाम्या शिवसुखराज रे,

सिद्धाचल गिरिराज मुझने प्यारो लागे रे..(२)

सहू तीरथ मा मोटू तीरथ शत्रुंजय गिरिराज रे..(२)

नाम तमारू जपता-जपता थाशे बेड़ो पार रे,

सिद्धाचल गिरिराज मुझने प्यारो लागे रे.. (२)

मरूदेवा नो नंद तारणहारो लागे रे..(२)

सिद्धाचल गिरिराज मुझने प्यारो लागे रे..(२)