Jayendra Lok

Tame Jyare Deedhu Saiyam (Hindi)

तमे ज्यारे दीधुं संयम,

पछी आनंद छलके छे…

 

हवे संयमथी आ जीवन,

केवुं खुब महेके छे,

 तमे ज्यारे दीधुं संयम,

पछी आनंद छलके छे…(१)

 

गुरु शिष्यनुं आ मिलन,

अति दुर्लभ लागे छे,

 जुओ पावन आंखोमां,

अश्रुंनी केवी धारा छे, 

हवे संयमथी आ जीवन,

केवुं खुब गहेके छे,

 तमे ज्यारे दीधुं संयम,

पछी आनंद छलके छे…(२)

 

तमन्ना जागी छे मुजने,

गुरु सेवाथी तरवानी, 

कर्यो संकल्प मैं आजे,

गुरु चरणोमां रहेवानो,

 हवे संयमथी आ जीवन,

केवुं खुब महेके छे,

 तमे ज्यारे दीधुं संयम,

पछी आनंद छलके छे…(३)

 

धरूं छुं ध्यान हरपळ हुं,

गुरु जेवाज बनवानुं, 

कृपा करजो गुरुमैया,

हृदयनी आ अरज माहरी,

 हवे संयमथी आ जीवन,

केवुं खुब महेके छे, 

तमे ज्यारे दीधुं संयम,

पछी आनंद छलके छे…(४)

 

हवे शुद्ध थयो आतम,

गुरु संग मुक्त थवाने, 

हवे लागे छे मुजने के,

सफळ थयो जनम माहरो,

 हवे संयमथी आ जीवन,

केवुं खुब महेके छे,

 तमे ज्यारे दीधुं संयम,

पछी आनंद छलके छे…(५)