Jayendra Lok

Utsav Anero Aayo Re (Hindi)

उत्सव अनेरो आयो रे, 

अरे आनंद आजे छायो रे, 

तोरण बंधाया आजे, 

अम बारणीए,

 प्रभुजी पधार्या आजे, 

अम आंगणीये…(१)

 

साची समज ने पामीने, 

विवेक हृदयमां धारीने,

 हो… लीन थशे शरण,

 हवे तव चरणे तब चरणे, 

अंजन थशे निरंजननुं, 

रूपी थशे अरूपी,

 पत्थरमां परम अवतरशे,

 सूरि ए प्राण रोपी…(२)

 

यावत चंद्र दिवाकर प्रभु तारी… स्थापना, 

जयवंती जगमां रहो एवी मारी… याचना,

 

 भव अनंतमां दरिसन तरस्यो,

 अमृत थई तुं वरस्यो, 

चंदनथी पण शीतल अधिको, 

आजे तुं मने स्पश्योंं, 

अंजन थशे निरंजननुं,

 रूपी थशे अरूपी,

 पत्थरमां परम अवतरशे, 

सूरि ए प्राण रोपी…(३)