Jayendra Lok

Vando Veer Jinesar Raya (Hindi)

वंदो वीर जिणेसर राया, त्रिशला माता जायाजी

 हरि लंछन कंचनवन काया, मुज मन मंदिर आयाजी

वंदो वीर०१

 दुषम समये शासन जेहनो, शीतल चंदन छायाजी

जे सेवंता भविजन मधुकर, दिन दिन होत सवायाजी

वंदो वीर ०२

 ते धन्य प्राणी सद्‌गति खाणी, जस मनमां जिन आयाजी

 वंदन पूजन सेवन कीधी, ते को जननी मायाजी

वंदो वीर०३

कर्म कठिन भेदन बलवत्तर, वीर बिरुद जिन पायाजी

अेकलमल्ल अतुल बली अरिहा, दुश्मन दूर गमायाजी

वंदो वीर०४

वांछित पूरण संकट चूरण, माता पिता तुं सहायाजी

सिंह परे चारित्र आराधी, सुजश निशान बजायाजी

वंदो वीर०५

गुण अनंत भगवंत बिराजे, वर्धमान जिनरायाजी

धीर विमल कवि सेवक नय कहे, शुद्ध समकित गुण दायाजी

वंदो वीर०६