Jayendra Lok

Virtee Vate Chalya Rajimati Ne Nemjee (Hindi)

विरती वाटे चाल्या, राजीमती ने नेमजी, 

सामुं जोईने स्वामी, मन लोभावो प्रेमथी, 

विरती वाटे चाल्या, राजीमती ने नेमजी…(१)

 

जन्मारो सफळ कर्यो, ने तार्या अनेकोने,

 सिद्ध बनी साधनाथी, बनाव्या सिद्ध

अनेकोने, धन्य-धन्य नेमि तुजने,

विरती तारी भेटंधरी, विरती वाटे चाल्या,

राजीमती ने नेमजी…(२)

 

घणी वातो बाकी छे, कोने जईने केहवी, 

मारी साथे प्रीत बांधो, राजुलराणी जेहवी, 

नव भवनी प्रीतनी जेम, प्रीत करो गेहरी,

 विरती वाठे चाल्या, राजीमती ने नेमजी…(३)

 

मार्ग ते स्वीकार्यो ते, मार्ग कल्याणी बनशे, 

आत्माओ संचरशे ने, आत्मा अनंता तरशे,

 तारी पासे आवुं छुं हुं, तारो शणगार करी, 

विरती वाढे चाल्या राजीमती ने नेमजी….(४)