Jayendra Lok

Category: Bhajan Lyrics

श्री नाकोडा भैरवजी की आरति

श्री नाकोडा भैरवजी की आरति |Nakoda Bhairav Aarti | ॐ जय जय जयकारा, वारी जय जय झंकारा, आरति उतारो भविजन मिलकर, भैरव रखवाला, वारी जीवन रखवाला ॐ जय जय जयकारा ।।1।। तुं समकित सुरनर मन मोहक, मंगल नितकारा, वारी मं., श्री नाकोडा भैरव सुंदर, जन मन हरनारा, ॐ जय जय

Read More »

श्री माणिभद्रवीरजी की आरति | Shri ManiBhadra Ji ki Aarti

श्री माणिभद्रवीरजी की आरति | Shri ManiBhadra Ji ki Aarti | (रागः- जय जय आरति आदि जिणंदा….) जय जय आरति माणिभद्र ईन्द्रा, बावन वीर शीर मुगट जडींद्रा । तपगच्छ अधिष्ठायक विख्याता अतिय विघन दुःख हरो विधाता । तुम सेवकनां संकट चुरो, मन वंछित सुख संपदा पूरो । खडग त्रिशूल डमरु

Read More »

मंगळ दीपक | Mangal deepak

मंगळ दीपक दीवो रे दीवो प्रभु मंगलिक दीवो, आरति उतारण बहु चिरंजीवो ।।1।। सोहामणुं घेर पर्व दीवाळी, अम्बर खेले अमरा बाळी ।।2।। दीपाळ भणे एणे कुल अजुआळी, भावे भगते विघन निवारी ।।3।। दीपाळ भणे एणे ए कलिकाळे, आरति उतारी राजा कुमारपाळे ।।4।। अम घेर मंगलिक तुम घेर मंगलिक, मंगलिक चतुर्विध

Read More »

श्री शांतिनाथ प्रभु की आरति |Shri Shantinath Prabhu Ki Aarti

श्री शांतिनाथ प्रभु की आरति |Shri Shantinath Prabhu Ki Aarti | (रागः- जय जय आरति आदि जिणंदा….) जय जय आरति शांति तमारी, तोरा चरण कमल में जाउ बलिहारी ।।1।। विश्वसेन अचिराजी के नन्दा, शांतिनाथ मुख पुनम चन्दा ।।2।। चालिस धनुष सोवनमय काया, मृगलंछन प्रभु चरण सुहाया ।।3।। चक्रवर्ति प्रभु पांचमा

Read More »

श्री घंटाकर्ण महावीरनी आरति | Shri Gantakarna Mahaveer ji ni Aarti

श्री घंटाकर्ण महावीरनी आरति | Shri Gantakarna Mahaveer ji ni Aarti | घंटाकर्ण महावीर गाजे, जडचेतन जगमहिमा छाजे मनवांछित पूरण करनारा, भक्तजनोना भय हरनारा घंटाकर्ण….।।1।। आधि व्याधि उपाधि हरता, रोग उपद्रव दुःख संहरता घंटाकर्ण…।।2।। ऋद्धि सिद्धि मंगल करता, सत्वर सहाये पगला भरता घंटाकर्ण…।।3।। तुज स्मरणथी वांछित मेळा, भक्तोनी थाती शुभ

Read More »

।। सरस्वती माता नी आरति ।।Sarasvati Maata ni aarti

।। सरस्वती माता नी आरति ।। नमोऽर्हत्….. Sarasvati Maata ni aarti (रागः- हे शंखेश्वर स्वामी…) जय वागिश्वरी माता, जय जय जननी माता , पद्मासनी भवतारिणी (२) अनुपम रस दाता………..जय वागिश्वरी माता….. हंसवाहिनी जलविहारिणी, अलिप्त कमल समी (२) ईन्द्रादि किन्नरने (२) सदा तुं हृदये गमी……..जय वागिश्वरी माता….. तुजथी पंडित पाम्या, कंठ

Read More »

श्री गौतमस्वामीजी की आरति | Shri Gotamswamii Ki Aarti |

श्री गौतमस्वामीजी की आरति | Shri Gotamswamii Ki Aarti | (रागः- जय जय आरति आदि जिणंदा….) जय जय आरति गौतमदेवा, सुरनर किन्नर करते सेवा… पहेली आरति विघ्न को चूरे, मनवांछित फल सघलो पूरे… दूसरी आरति मंगलकारी, विघ्न निवारी सुख दातारी… तीसरी आरति करता भावे, दुःख दोहग सवि दूर जावे… चोथी

Read More »

श्री पार्श्वनाथ भगवान की आरति |Parshvnath bhagvan ki aarti

श्री पार्श्वनाथ भगवान की आरति |Parshvnath bhagvan ki aarti | (रागः- जय जय आरति आदि जिणंदा….) जय जय आरति पार्श्व जिनन्दा, अश्वसेन वामाजी के नंदा नील वरण कंचनमय काया नाग नागिन प्रभुदर्श सुहाया ध्यावे नित नित होते आनन्दा….. ।।1।। समवसरण प्रबु आप बिराजे तीनो लोक में दुंदुभी बाजे देश बनारस

Read More »

Sanyam Bhavyatra Vandnavali

Sanyam Bhavyatra Vandnavali Upakaran Vandana संयम भावयात्रा निश्रा : जैन साईट प्रणेता गुरुदेव श्री भाग्यचंद्र विजयजी महाराज साहेब कर्मो उपार्ज्या जे धणां अज्ञान थी आवेश  थी ते सर्व पाप विनाश  थाओ श्रमण ना आ वेष थी गणवेश ना आ विश्व  माँ छे स्थान जेनु विशेष  थी ते श्रमण सुन्दर वेष

Read More »

Vandan Tane | Jain Stuti | Hindi Lyrics

निरखु तने तुजने स्तवु (Hindi Lyrics) जैन स्तुती निरखु तने तुजने स्तवु  , पुजू तने तुजने स्मरु धरु ध्यान के वचनों सुणु , हु शु करू हु शु करू, उमटी परा जे नाथ अगणित हृदय मा सफंदन मने हे नाथ हे आनंदधन , वंदन तने वंदन तने      

Read More »