Shrutgyan Ne Vandana | Jain Stuti | Hindi Lyrics
Shrutgyan Ne Vandana (Hindi Lyrics) Jain Stuti श्रुत दिप नी अजवालिका , श्रुत देवता मा सरस्वती श्रुत हीर नी रखवाली महासागर समी मा भगवती, तारी कृपा थी आज हु, करवा चाहू श्रुत गुण स्तुति, जिन वचन नी रक्षा तणु , बळ आपजो हृदये धरी,-2 जे ज्ञान थी भावु सदा ,