Jayendra Lok

Category: मंत्र

दशरथकृत शनि स्तोत्र (Dashratha Krit Shani Stotram)

दशरथकृत शनि स्तोत्र (Dashratha Krit Shani Stotram Lyrics in Sanskrit/Hindi) ॥दशरथ उवाच॥ प्रसन्नो यदि मे सौरे ! एकश्चास्तु वरः परः ॥ रोहिणीं भेदयित्वा तु न गन्तव्यं कदाचन् । सरितः सागरा यावद्यावच्चन्द्रार्कमेदिनी ॥ याचितं तु महासौरे ! नऽन्यमिच्छाम्यहं । एवमस्तुशनिप्रोक्तं वरलब्ध्वा तु शाश्वतम् ॥ प्राप्यैवं तु वरं राजा कृतकृत्योऽभवत्तदा । पुनरेवाऽब्रवीत्तुष्टो

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गणनायकाय गणदेवताय गणाध्यक्षाय धीमहि (Gananaykay Gandevatay Ganadhyakshay Dheemahi)

गणनायकाय गणदेवताय गणाध्यक्षाय धीमहि । गुणशरीराय गुणमण्डिताय गुणेशानाय धीमहि । गुणातीताय गुणाधीशाय गुणप्रविष्टाय धीमहि । एकदंताय वक्रतुण्डाय गौरीतनयाय धीमहि । गजेशानाय भालचन्द्राय श्रीगणेशाय धीमहि ॥गानचतुराय गानप्राणाय गानान्तरात्मने, गानोत्सुकाय गानमत्ताय गानोत्सुकमनसे । गुरुपूजिताय गुरुदेवताय गुरुकुलस्थायिने, गुरुविक्रमाय गुह्यप्रवराय गुरवे गुणगुरवे । गुरुदैत्यगलच्छेत्रे गुरुधर्मसदाराध्याय, गुरुपुत्रपरित्रात्रे गुरुपाखण्डखण्डकाय । गीतसाराय गीततत्त्वाय गीतगोत्राय धीमहि, गूढगुल्फाय गन्धमत्ताय

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श्री राधा कृपा कटाक्ष स्तोत्रम (Shri Radha Kripa Kataksh Stotram)

श्री राधा कृपा कटाक्ष स्तोत्रम (Shri Radha Kripa Kataksh Stotram Lyrics in Sanskrit/Hindi) मुनीन्द्रवृन्दवन्दिते त्रिलोकशोकहारिणी, प्रसन्नवक्त्रपंकजे निकंजभूविलासिनी । व्रजेन्द्रभानुनन्दिनी व्रजेन्द्र सूनुसंगते, कदा करिष्यसीह माँ कृपाकटाक्ष भाजनम् ॥१॥ अशोकवृक्ष वल्लरी वितानमण्डपस्थिते, प्रवालज्वालपल्लव प्रभारूणाङि्घ् कोमले । वराभयस्फुरत्करे प्रभूतसम्पदालये, कदा करिष्यसीह माँ कृपाकटाक्ष भाजनम् ॥२॥ अनंगरंगमंगल प्रसंगभंगुरभ्रुवां, सुविभ्रम ससम्भ्रम दृगन्तबाणपातनैः । निरन्तरं वशीकृत

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गणेश शुभ लाभ मंत्र (Ganesha Shubh Labh Mantra)

गणेश शुभ लाभ समृद्धि के लिए प्रार्थना है जो भगवान गणेश के बीज यानी बीज मंत्र पर आधारित है। ॐ श्रीम गम सौभाग्य गणपतये वर्वर्द सर्वजन्म में वषमान्य नमः ॥हिन्दी रूपांतरण: गम – भगवान गणेश के लिए बीज यानी बीज मंत्र सौभाग्य -सौभाग्य गणपतये – विघ्नहर्ता वर्वर्द -ढेर सारी शुभकामनाएं

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भगवान सूर्य की अष्टोत्तर शतनामावली (Ashtottara Shatnamavali of Bhagwan Surya)

भगवान सूर्य की अष्टोत्तर शतनामावली 1. अरुणा ॐ अरुणाय नमः। – ॐ अरुणाय नमः। 2. शरण्य ॐ शरण्यै नमः। – ॐ शरण्याय नमः। 3. करुणा-रस-सिन्धु ॐ करुणारससिन्धवे नमः। – ॐ करुणारससिंधवे नमः। 4. अस्मानबला ॐ अस्थानबलाय नमः। – ॐ असमानबलाय नमः। 5. आर्तरक्षक ॐ आर्तरक्षकाय नमः। – ॐ अर्तरक्षकाय नमः।

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श्री गोविन्द दामोदर स्तोत्रम् (Shri Govinda Damodara Stotram)

॥ श्री गोविन्द दामोदर स्तोत्रम् ॥ अग्रे कुरूणामथ पाण्डवानांदुःशासनेनाहृतवस्त्रकेशा। कृष्णा तदाक्रोशदनन्यनाथागोविन्द दामोदर माधवेति॥1॥श्रीकृष्ण विष्णो मधुकैटभारेभक्तानुकम्पिन् भगवन् मुरारे। त्रायस्व मां केशव लोकनाथगोविन्द दामोदर माधवेति॥2॥ विक्रेतुकामाखिलगोपकन्यामुरारिपादार्पितचित्तवृत्तिः। दध्यादिकं मोहवशादवोचद्गोविन्द दामोदर माधवेति॥3॥ उलूखले सम्भृततण्डुलांश्चसंघट्टयन्त्यो मुसलैः प्रमुग्धाः। गायन्ति गोप्यो जनितानुरागागोविन्द दामोदर माधवेति॥4॥ काचित्कराम्भोजपुटे निषण्णंक्रीडाशुकं किंशुकरक्ततुण्डम्। अध्यापयामास सरोरुहाक्षीगोविन्द दामोदर माधवेति॥5॥ गृहे गृहे गोपवधूसमूहःप्रतिक्षणं पिञ्जरसारिकाणाम्। स्खलद्गिरं वाचयितुं

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श्री रुद्राष्टकम् (Shri Rudrashtakam)

श्री रुद्राष्टकम् (Goswami Tulasidas Krat – Shri Rudrashtakam) Lyrics in Hindi ॥ श्रीरुद्राष्टकम् ॥ नमामीशमीशान निर्वाणरूपं विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम् । निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहम् ॥ १॥ निराकारमोंकारमूलं तुरीयं गिरा ज्ञान गोतीतमीशं गिरीशम् । करालं महाकाल कालं कृपालं गुणागार संसारपारं नतोऽहम् ॥ २॥ तुषाराद्रि संकाश गौरं गभीरं मनोभूत कोटिप्रभा

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श्रीरामचन्द्राष्टकम् (Shri Ramachandra Ashtakam)

॥ श्रीरामचन्द्राष्टकम् ॥चिदाकारो धातापरमसुखदः पावन- तनुर्मुनीन्द्रैर्यो-गीन्द्रैर्यतिपतिसुरेन्द्रैर्हनुमता। सदा सेव्यः पूर्णोजनकतनयाङ्गः सुरगुरू रमानाथो रामो रमतुमम चित्ते तु सततम्॥1॥ मुकुन्दो गोविन्दोजनकतनयालालितपदः पदं प्राप्तायस्याधमकुलभवा चापि शबरी। गिरातीतोऽगम्योविमलधिषणैर्वेदवचसा रमानाथो रामो रमतुमम चित्ते तु सततम्॥2॥ धराधीशोऽधीशःसुरनरवराणां रघुपतिः किरीटी केयूरीकनककपिशः शोभितवपुः। समासीनः पीठेरविशतनिभे शान्तमनसो रमानाथो रामो रमतुमम चित्ते तु सततम्॥3॥ वरेण्यः शारण्यःकपिपतिसखश्चान्तविधुरो ललाटे काश्मीरोरुचिरगतिभङ्गः शशिमुखः। नराकारो रामोयतिपतिनुतः

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शिव पंचाक्षर स्तोत्र मंत्र (Shiv Panchakshar Stotram Mantra)

Shiv Panchakshar Stotram (शिव पंचाक्षर स्तोत्र: मंत्र) In Hindi ॥ श्रीशिवपञ्चाक्षरस्तोत्रम् ॥ नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय, भस्माङ्गरागाय महेश्वराय । नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय, तस्मै न काराय नमः शिवाय ॥१॥ मन्दाकिनी सलिलचन्दन चर्चिताय, नन्दीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय । मन्दारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय, तस्मै म काराय नमः शिवाय ॥२॥ शिवाय गौरीवदनाब्जवृन्द, सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय । श्रीनीलकण्ठाय वृषध्वजाय, तस्मै

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देवी अथर्वशीर्षम् (Shridevyatharvashirsham)

देव्यथर्वशीर्षम् जिसे देवी अथर्वशीर्षम् के नाम से भी जाना जाता है, चण्डी पाठ से पहले पाठ किये जाने वाले छह महत्वपूर्ण स्तोत्रम् हिस्सा है। कवचम्, अर्गला, कीलकम्, वेदोक्तम् रात्रि सूक्तम्, तन्त्रोक्तम् रात्रि सूक्तम् और देव्यथर्वशीर्षम् का पाठ दुर्गा सप्तशती के मुख्य अध्यायों का पाठ करने से पहले दिये गये क्रम

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